माला-1405:मेरा मन संसार में ही खेलने को करता है। इसे भगवान की ओर कैसे लगाएँ? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी, मेरा मन संसार में ही खेलने को करता है। इसे भगवान की ओर कैसे लगाएँ? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि मन का संसार और माया की तरफ जाना देखकर बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले भगवान की शरण में आकर थोड़ा शांत होना चाहिए और यह भरोसा रखना