माला-1393: मेरे अंदर अहंकार नहीं, फिर भी लोग ऐसा क्यों समझते हैं? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी,मेरे अंदर अहंकार नहीं, फिर भी लोग ऐसा क्यों समझते हैं? उत्तर:महाराज जी इस प्रश्न को बहुत गहराई से समझाते हैं। वे कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति स्वयं यह कहने लगे कि “मेरे अंदर अहंकार नहीं है”, तो यहीं से एक सूक्ष्म अहंकार दिखाई देने लगता है। क्योंकि यह अनुभव किसने