माला-1346: सांसारिक सुख और सुखी होने में क्या अंतर है?,श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1. महाराज जी,सांसारिक सुख और सुखी होने में क्या अंतर है? क्या विरक्ति आवश्यक है? उत्तर: श्री प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि अधिकांश लोग धन, पद, प्रतिष्ठा, परिवार, शरीर के सुख और भौतिक सुविधाओं को ही सुख समझ लेते हैं। लेकिन वास्तव में ये सभी चीजें कुछ समय के लिए आनंद देती हैं।