माला-1436:अंदर की शांति संघर्ष से आती है या स्वीकार करने से? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: अंदर की शांति संघर्ष से आती है या स्वीकार करने से? उत्तर: पूज्य महाराज जी स्पष्ट करते हैं कि मनुष्य के भीतर वास्तविक शांति न तो केवल संघर्ष करने से आती है और न ही परिस्थितियों को स्वीकार कर लेने मात्र से। आंतरिक शांति का वास्तविक आधार ज्ञान है। अशांति का मुख्य कारण