premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1186:भक्ति करते-करते “मैं कुछ बन गया हूँ” ऐसा अहंकार क्यों आता है और इससे कैसे बचें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: भक्ति करते-करते “मैं कुछ बन गया हूँ” ऐसा अहंकार क्यों आता है और इससे कैसे बचें? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि साधना के मार्ग …

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shriradhanaamras@gmail.com

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