premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1395: गृहस्थ में भगवत् प्राप्ति हो सकती है, तो वैराग्य की क्या जरूरत है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: महाराज जी,पहले संत-महात्मा गृहस्थ में भी रहकर भगवत्प्राप्ति करते थे, तो वैराग्य की क्या जरूरत है? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि वैराग्य का अर्थ …

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shriradhanaamras@gmail.com

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