premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1209:यदि सब भगवान की संतान हैं तो काम, क्रोध और लोभ क्यों बनाए गए? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

भक्ति मार्ग में आसक्ति, नाम-जप और शरणागति का रहस्य – महाराज जी के अमृत वचन मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है। लेकिन …

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shriradhanaamras@gmail.com

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