premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1188:“जिसमें तेरी रज़ा है उसी में राज़ी” यह भाव स्थायी कैसे बने? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: राम-नाम जप करने पर भी लौकिक धन-समृद्धि क्यों नहीं मिलती? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि भगवान का नाम किसी सांसारिक सौदे की वस्तु नहीं …

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shriradhanaamras@gmail.com

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