माला-1327: कर्मों का फल अगले जन्म में ही क्यों भोगना पड़ता है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1.महाराज जी, क्या मनुष्य को अपने कर्मों का फल केवल अगले जन्म में मिलता है, या कुछ पापों का दंड इसी जन्म में भी मिल …
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