premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1266:कर्म करते हुए भी निर्लिप्त कैसे रहा जाए? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1:महाराज जी, “पानी में मीन प्यासी” का वास्तविक भावार्थ क्या है? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि “पानी में मीन प्यासी” का अर्थ है कि जिस …

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shriradhanaamras@gmail.com

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