माला-1197:क्या भक्ति केवल विपत्ति में आती है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
1️⃣ प्रश्न: महाराज जी, क्या हमारा भी चरित्र गाया जाए — यह भावना उचित है? उत्तर: महाराज जी इस भावना को बहुत सूक्ष्मता से पकड़ते हैं। …
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माला-1196:गुरु निष्ठा और गुरु कृपा कैसे प्राप्त होती है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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माला-1195:क्या आत्मा को कुछ पाना है या आत्मा पूर्ण है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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माला-1194:क्या आत्मा को कुछ पाना है या आत्मा पूर्ण है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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माला-1192:संत महापुरुषों के दर्शन का वास्तविक फल क्या है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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माला-1189:आत्मज्ञान के बाद ‘मैं’ समाप्त हो जाता है या रहता है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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माला-1188:“जिसमें तेरी रज़ा है उसी में राज़ी” यह भाव स्थायी कैसे बने? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
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