premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1191:गुरुदेव में भगवान की भावना कैसे पुष्ट करें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1:महाराज जी, अब तक इतना बोध हो गया है कि मैं यह देह नहीं हूँ, न मैं करता हूँ। वस्तुतः मैं साक्षी मात्र हूँ। पर …

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shriradhanaamras@gmail.com

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