premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1402:भोग-भोग कर थक गया हूँ, अब क्या करूँ? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: महाराज जी,भोग-भोग कर थक गया हूँ, अब क्या करूँ? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि मनुष्य भोगों से इसलिए तृप्त नहीं हो पाता क्योंकि मन …

Written by:

shriradhanaamras@gmail.com

Read Article