premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1405:मेरा मन संसार में ही खेलने को करता है। इसे भगवान की ओर कैसे लगाएँ? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: महाराज जी, मेरा मन संसार में ही खेलने को करता है। इसे भगवान की ओर कैसे लगाएँ? उत्तर:महाराज जी समझाते हैं कि मन का …

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shriradhanaamras@gmail.com

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