premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-1322: राजा अलर्क ने गृहस्थ आश्रम को विपत्तियों का वन क्यों कहा? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1. महाराज जी, राजा अलर्क ने गृहस्थ आश्रम को विपत्तियों का वन (दावाग्नि रूपी संसार) क्यों कहा? उत्तर: श्री प्रेमानंद महाराज जी समझाते हैं कि …

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