premanand maharaj ji
महाराज जी

माला-2005:चित्त और विषयों को अलग कैसे किया जाए? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

प्रश्न 1: गुणों और विषयों में डूबा हुआ चित्त संसार से पार होकर मुक्ति कैसे प्राप्त करे? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि चित्त का स्वभाव स्वयं …

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shriradhanaamras@gmail.com

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