माला-1262: दूसरों से तुलना करना कैसे छोड़ें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी, दूसरों से तुलना करना कैसे छोड़ें? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि दूसरों से तुलना करने की आदत मनुष्य को कभी संतोष नहीं लेने देती। जब हम किसी के पास गाड़ी, पैसा, पद या प्रतिष्ठा देखते हैं, तो हमें लगता है कि हम पीछे रह गए हैं। लेकिन यह दौड़ कभी समाप्त