माला-1062: नाम में अनन्यता कैसे प्राप्त की जा सकती है?, श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: भगवत प्राप्ति के समय आप ज्ञान मार्ग में थे या भक्ति मार्ग में? उत्तर:प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि भगवत प्राप्ति किसी एक मार्ग से नहीं होती — यह गुरु कृपा से होती है। जब हम भगवान का भजन करते हैं, वही भक्ति कहलाती है; भजन से जो ज्ञान उत्पन्न होता है, वह