माला-1194:क्या आत्मा को कुछ पाना है या आत्मा पूर्ण है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
1️⃣ प्रश्न: क्या आत्मा को कुछ पाना है या आत्मा पूर्ण है? फिर उसे करना क्या है? उत्तर:महाराज जी बहुत स्पष्ट कहते हैं — आत्मा को कुछ पाना नहीं है। आत्मा स्वयं पूर्ण है, निर्विकार है, आनंद का समुद्र है। वह चैतन्य घन है। उसे किसी क्रिया, किसी फल, किसी उपलब्धि की आवश्यकता नहीं। समस्या