माला-1041: मन की बेचैनी का कारण क्या है?, श्री प्रेमानंद जी महाराज के अमृत वचनों से
❖ श्री प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार दुख का अंत कहाँ है? – मन की स्थिति और नाम-जप की शक्ति बसंत जी (हरियाणा) ने अत्यंत मार्मिक प्रश्न पूछा कि वे जीवन से अत्यधिक दुखी हैं – दोनों किडनियाँ फेल हैं और लगता है कोई उनसे अधिक दुखी नहीं। इस पर श्री महाराज जी ने उत्तर