माला-1425: कुछ भी काम गलत हो जाता है, तो बहुत क्रोध आता है। मैं क्या करूँ? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,कुछ भी काम गलत हो जाता है, तो बहुत क्रोध आता है। मैं क्या करूँ? उत्तर: पूज्य महाराज जी समझाते हैं कि क्रोध आने का एक प्रमुख कारण हमारी इच्छाओं का पूरा न होना है। जब हम चाहते हैं कि कोई काम हमारी इच्छा के अनुसार हो, लेकिन वैसा नहीं होता, तो

माला-1426: क्या व्रत, स्नान और तीर्थ-भ्रमण से मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,क्या व्रत, स्नान और तीर्थ-भ्रमण से मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है? उत्तर: पूज्य महाराज जी के अनुसार, व्रत रखना, तीर्थ-स्नान करना, दान देना और तीर्थ-यात्रा करना शुभ कर्म हैं, लेकिन केवल इनसे मोक्ष की प्राप्ति निश्चित नहीं होती। पुण्य कमाना और मोक्ष प्राप्त करना दो अलग-अलग बातें हैं। महाराज जी समझाते

माला-1423: माता-पिता बच्चों की सुख-शांति के लिए क्या करें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,माता-पिता बच्चों की सुख-शांति के लिए क्या करें? उत्तर: पूज्य महाराज जी के अनुसार, यदि माता-पिता अपने बच्चों का जीवन सुखमय और सफल बनाना चाहते हैं, तो उन्हें बचपन से ही अच्छी शिक्षा के साथ आध्यात्मिक संस्कार भी देने चाहिए। केवल आधुनिक शिक्षा प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है; बच्चों के भीतर विनम्रता,

माला-1422: क्या गुरु को प्रसन्न करने के लिए भी कोई विशेष मंत्र होता है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,क्या गुरु को प्रसन्न करने के लिए भी कोई विशेष मंत्र होता है? उत्तर: पूज्य महाराज जी के अनुसार, गुरुदेव को प्रसन्न करने के लिए किसी अलग मंत्र की आवश्यकता नहीं है। गुरुदेव ने जो मंत्र या नाम दिया है, उसी का श्रद्धापूर्वक जप करना चाहिए। जितनी अधिक इष्टदेव के प्रति प्रीति

माला-1421: महाराज जी,मुझे मान, सम्मान, विलासिता और यश चाहिए अपने परिवार के लिए! श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,मुझे मान, सम्मान, विलासिता और यश चाहिए अपने परिवार के लिए! उत्तर: पूज्य महाराज जी समझाते हैं कि परिवार के लिए सुख-सुविधाएँ जुटाने की इच्छा होना एक बात है, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख केवल धन, सम्मान और विलासिता में खोजना दूसरी बात है। यदि सच्चा और स्थायी सुख चाहिए, तो भगवान

माला-1420:जब काउंटर नहीं थे, संतजन कैसे गिनते थे नामजप? क्या भगवान की प्राप्ति के लिए गिनती ज़रूरी है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,पूर्वकाल में संतजन माला और नामजप की गिनती किस प्रकार करते थे? उत्तर: पूज्य महाराज जी समझाते हैं कि भगवान के नामजप की गिनती करने के लिए माला या काउंटर का उपयोग साधक को मन लगाने और नियमित अभ्यास करने में सहायता देता है। लेकिन भगवान की प्राप्ति केवल इस बात पर

माला-1419:भागवतिक अनुभूति केवल कुछ समय के लिए ही क्यों महसूस होती है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,भागवतिक अनुभूति केवल कुछ समय के लिए ही क्यों महसूस होती है? उत्तर: पूज्य महाराज जी समझाते हैं कि साधना के दौरान मिलने वाला आनंद और वास्तविक भगवद्-अनुभूति, दोनों में अंतर है। साधना करते समय कभी मन को बहुत शांति मिलती है, कभी नामजप में आनंद आता है और कभी भगवान की

माला-1418:साधक को खान-पान और दिनचर्या में क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,साधक को खान-पान और दिनचर्या में क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए? उत्तर: पूज्य महाराज जी के अनुसार, साधक का खान-पान सात्त्विक होना चाहिए। भोजन में मांस-मछली जैसे अभक्ष्य पदार्थों का त्याग करना चाहिए। जिस होटल में मांस बनता हो, वहाँ वैष्णव को भोजन नहीं करना चाहिए। यदि किसी कारणवश बाहर भोजन करना आवश्यक

माला-1417:इच्छाएँ खत्म होने पर कैसा अनुभव होता है?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,इच्छाएँ खत्म होने पर कैसा अनुभव होता है? उत्तर: पूज्य महाराज जी के अनुसार, इच्छाओं का पूरी तरह शांत होना परमात्मा की प्राप्ति के बाद ही होता है। जब तक भगवान का साक्षात्कार नहीं होता, तब तक अपने मन पर पूरा विश्वास नहीं करना चाहिए। कभी-कभी परिस्थितियाँ अनुकूल होने पर ऐसा लग

माला-1416:भगवान के दर्शन के लिए कितनी संख्या में नामजप करना पड़ेगा?श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा

महाराज जी

प्रश्न 1: महाराज जी,भगवान के दर्शन के लिए कितनी संख्या में नामजप करना पड़ेगा? उत्तर: भगवान की प्राप्ति के लिए कितनी संख्या में नामजप करना चाहिए? क्या लाखों या करोड़ों बार नामजप करने के बाद ही भगवान के दर्शन हो सकते हैं? पूज्य महाराज जी इस प्रश्न का उत्तर देते हुए समझाते हैं कि भगवान