माला-2008:भगवान की भक्ति कठोर नियमों से करनी चाहिए या सरलता से? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1:भगवान की भक्ति कठोर नियमों से करनी चाहिए या सरलता से? उत्तर:महाराज जी कहते हैं कि भक्ति में दोनों की आवश्यकता होती है – सरलता और कठोरता। दूसरों के प्रति हमें सरल और क्षमाशील होना चाहिए, लेकिन अपने लिए हमें कठोर अनुशासन रखना चाहिए। अक्सर लोग उल्टा करते हैं – अपने लिए ढील रखते