माला-1165:प्रेम और मोह में अंतर कैसे समझें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: अतीत की गलतियाँ, अपराधबोध और भय नाम-जप में बाधा बनते हैं, इससे मुक्त कैसे हों? उत्तर:श्री प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि जब तक हृदय पूरी तरह पवित्र नहीं होता, तब तक पुराने कर्म और संस्कार वासना बनकर सामने आते रहते हैं। यह इस जन्म के भी हो सकते हैं और पूर्व जन्मों