माला-1050: साँप का रहस्य: पाप या प्रभु की कृपा?,श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से
प्रश्न 1: महाराज जी, मेरे परिवार में किसी को नहीं बल्कि मुझे ही साँप दिखाई देता है। क्या यह मेरे पिछले जन्मों का पाप है? उत्तर:महाराज जी कहते हैं कि यह कोई पाप की बात नहीं है। यदि तुम्हें साँप दिखाई देता है और दूसरों को नहीं दिखाई देता, तो यह तुम्हारे देखने की दृष्टि