माला-1258: कर्ता और भोक्ता भाव कैसे समाप्त होगा? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी,बिना अर्थ समझे पाठ करने से क्या फल मिलता है? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि भगवान का नाम, शास्त्र और स्तोत्र इतने दिव्य होते हैं कि उनका प्रभाव केवल बुद्धि से समझने पर ही नहीं, बल्कि श्रद्धा से उच्चारण करने पर भी पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति रामायण, गीता, भागवत या किसी