माला-1185:भगवान को अपना मानकर संसार में व्यवहार कैसे करें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: राधा बाबा और भाई जी महाराज के मिलन से प्रेम-भक्ति का जो दिव्य परिवर्तन हुआ, वह भक्ति-रस क्या है और कैसे मिलता है? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि यह कोई साधारण घटना नहीं थी, बल्कि अनेक जन्मों की साधना, पवित्रता और आंतरिक पात्रता का फल था। भगवान की कृपा सर्वत्र उपलब्ध रहती है,