माला-1190:मन पूर्ण समर्पण से क्यों डरता है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी, जब आप नौजवान अवस्था में साधना कर रहे थे, तब आपकी सुबह से शाम तक की दिनचर्या क्या थी? उत्तर (महाराज जी की वाणी के अनुसार) देखो, उस समय जीवन बिल्कुल साधना प्रधान था। क्रिया प्रधान नहीं, चिंतन प्रधान। रात्रि के लगभग 1 बजे उठना होता था। 1 बजे से 4