माला-1215:गंभीर बीमारी में भजन और शरीर की चिंता में संतुलन कैसे रखें? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: गंभीर बीमारी में भजन और शरीर की चिंता में संतुलन कैसे रखें? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि शरीर भी भगवान का दिया हुआ साधन है, इसलिए उसकी पूरी तरह उपेक्षा करना उचित नहीं है। लेकिन साथ ही यह भी सत्य है कि शरीर नश्वर है और एक दिन समाप्त हो जाएगा। इसलिए साधक