माला-1264:भक्ति में भाव का क्या महत्व है? श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1:महाराज जी, सिद्धियों और दिव्य शक्तियों के विषय में साधक का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? उत्तर:महाराज जी बताते हैं कि साधना का वास्तविक उद्देश्य भगवान की प्राप्ति और आत्मबोध है, न कि चमत्कार, सिद्धियाँ या दिव्य शक्तियाँ। साधना के मार्ग में कभी-कभी रिद्धि-सिद्धियाँ आती हैं, लेकिन यदि साधक उनके पीछे भागने लगता है तो