माला-1059: राधा रानी को ‘प्रेम स्वरूपा’ क्यों कहा जाता है?, श्री प्रेमानंद जी महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: क्या बोलकर नाम जपने से वही लाभ मिलता है जो मौन रहकर जपने से मिलता है? उत्तर:श्री प्रेमानंद जी महाराज समझाते हैं कि नाम-जप के तीन रूप होते हैं — वाचिक, उपांश और मानसिक। जब हम आवाज़ में नाम लेते हैं, उसे वाचिक जप कहा जाता है। जब केवल होंठ हिलते हैं लेकिन