माला-1086: समाज में बढ़ती विभाजन की प्रवृत्ति को कैसे रोका जाए?, श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: हम जो चाहते हैं, वह ईश्वर हमें क्यों नहीं देता? उत्तर:श्री प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि ईश्वर कोई मनोकामना पूरी करने वाली दुकान नहीं है। वहाँ से कुछ पाने के लिए दो ही अधिकार चाहिए — या तो आप “घर वाले” हों अर्थात भगवान को अपना मानने वाले, या फिर आपके पास