माला-1078: स्वार्थ-प्रधान रिश्तों में कैसे शांत रहें?, श्री प्रेमानंद महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: क्या किसी के हमारे पैर छूने से हमारा पुण्य नष्ट होता है? उत्तर:श्री प्रेमानंद महाराज जी बताते हैं कि यदि किसी के पैर छूने की हमारी अंतःप्रेरणा नहीं है, तो पुण्य नष्ट नहीं होता। जब कोई श्रद्धा से प्रणाम करता है और हम उसे भगवान का अंश मानते हैं, तब यह एक भगवत्