माला-1060: गुरु-कृपा का वास्तविक अर्थ क्या है?, श्री प्रेमानंद जी महाराज जी के अमृत वचनों से नाम जप महिमा
प्रश्न 1: महाराज जी, यदि हम अपनी बीमारी को राधा रानी की कृपा मानें, तो क्या यह सही है? उत्तर:श्री प्रेमानंद जी महाराज जी कहते हैं कि बीमारी स्वयं कृपा नहीं है, बल्कि उस बीमारी के बीच भी भक्ति और नाम-स्मरण में टिके रहना ही कृपा का वास्तविक स्वरूप है। रोग हमारे पिछले कर्मों का