माला-1019: संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के उत्तरों में छिपे दिव्य रहस्य

श्री प्रेमानंद जी महाराज

🕉️ 1. भजन की शक्ति और प्रारब्ध प्रश्न: क्या भजन से प्रारब्ध भोगने की शक्ति आ जाती है? उत्तर (श्री प्रेमानंद जी महाराज वाणी):हाँ, भजन की ऐसी स्थिति भी आती है जहाँ साधक को अपने प्रारब्ध को भोगने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। भजन से इतना सामर्थ्य आता है कि रोग, विपत्ति या कष्ट

माला-1018: संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के उत्तरों में छिपे दिव्य रहस्य

प्रेमानंद

धन आने पर भी प्रसन्नता नहीं रहती क्योंकि सच्चा आनंद धन, पद या भोग में नहीं, भगवान के नाम और सेवा में है। प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि बाहर की चीज़ें क्षणिक तृप्ति देती हैं, लेकिन मन को स्थायी शांति नहीं मिलती। जब मन परमात्मा से जुड़ता है और धन परोपकार में लगता है,

माला-1017: संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के उत्तरों में छिपे दिव्य रहस्य

1. सेवा से मृत्यु: क्या यह संभव है? प्रश्न: क्या किसी जीव की सेवा करने से उसकी मृत्यु हो सकती है? क्या मैं मनहूस हूं? महाराज जी का उत्तर:सेवा से किसी की मृत्यु नहीं होती। अगर किसी ने सेवा की और जीव मर गया, तो इसका अर्थ यह नहीं कि सेवा कारण बनी। मृत्यु तब